SELinux क्या है? Permissive vs Enforcing - Hindi

 

SELinux-Permissive-Enforcing

आज हम बात करने वाले की SELinux क्या है? SELinux के प्रकार कितने हैं? SELinux कैसे काम करता है? यह सभी के बारे में मैं आपको पूरे विस्तार से समझाने वाला हूं, हमारे काफी सारे भाई हैं जो अपने फोन में कस्टम रोम इंस्टॉल करते हैं और कुछ कस्टम रोम में Permissive और Enforcing देखने के लिए मिलेगा। 

  Permissive और Enforcing क्या होता है? यह सभी के बारे में आज हम बात करने वाले हैं। हमें कौन सा SELinux यूज़ करना चाहिए? इसके ऊपर भी हम नीचे बात करेंगे। अगर आपको इनमें से कुछ भी समझ नहीं आता तो हमें आप कमेंट करके पूछ सकते हैं हम आपका जवाब जरूर देंगे।


SELinux Kya Hai?

 सबसे पहले SELinux का फुल फॉर्म Security-Enhanced Linux  होता है। आप सबको पता है, कि आए दिन हमारे फोन में सिक्योरिटी का खतरा बना रहता है जैसे आए दिन बहुत सारे हमारे ऐसे एप्लीकेशन होते हैं जो हमारा डाटा चोरी करते हैं, या फिर हमारे डाटा का गलत इस्तेमाल करते हैं। इसी सब चीजों को ध्यान में रखते हुए United States National Security Agency (NSA) ने एक सिक्योरिटी आर्किटेक्चर को डिवेलप किया था, जिसे हम SELinux के नाम से जानते हैं। SELinux यह Linux Kernel के ऊपर काम करता है।

 SELinux का काम है कि, आपके सिस्टम को कौन-कौन Access कर सकता है इस चीज की परमिशन देता है, आपके एडमिनिस्ट्रेटर को इससे बहुत कम चांस होते हैं कि, कोई भी आपके डाटा को Access कर पाए।


SELinux कैसे काम करता है?

 SELinux यह एक Interaction Manual है मतलब, जितने Rules और रेगुलेशन यह सब एक Security Policy के तहेत स्टोर किए गए हैं। यानी कि अगर कोई App या Process, File आता है, जो आपके सिस्टम का परमिशन मांगने की कोशिश करती है और वह सभी सिक्योरिटी पॉलिसी के तहत सही है, तो SELinux परमिशन को अलग कर देता है। या फिर वह पॉलिसी के खिलाफ हैं तो SELinux उसे Disallow कर देता है, उसे कोई भी परमिशन नहीं देता जिससे कि वह आपके सिस्टम को नुकसान कर सके।

 साधारण भाषा में कहीं तो SELinux एक Access Control प्रोवाइड करता है जो की, जितने भी फालतू App होंगे या फिर अच्छे ऐप होंगे इन सब को अपने Category के हिसाब से परमिशन Allowed/Disallowed करता है। SELinux को पता होता कि कौन से एप्प अच्छे हैं और कौन से App से आपके सिस्टम को नुकसान हो सकते हैं, उसी को ध्यान में रखते हुए SELinux परमिशन को Allowed/Disallowed करता है।


SELinux के कितने प्रकार हैं: SELinux के हमें तीन प्रकार देखने के लिए मिलते हैं, Permissive, Enforcing और Disable यह सभी के बारे में नीचे मैं आपको विस्तार से बताऊंगा।


1.SELinux Enforcing -

 अगर आपका फोन SELinux Enforcing है तो, आपका फोन अच्छे तरीके से Safe और सिक्योर है। यानी कि जितने Security Policy के Rules होते हैं, उसको आपका फोन फॉलो करता है। जो भी App परमिशन की लेने की कोशिश करते हैं, उनका Log यह लेता है और उसे Disallow करता है। यानी कि Enforcing यह सब में ज्यादा Safe और सिक्योर होता है, इसी की वजह से जब भी हम नया फोन खरीदते हैं तो उसने Company हमें Enforcing देती है।


2.SELinux Permissive -

 Permissive यानी कि यह SELinux का एक ऐसा मोड़ है, जो कि एप्लीकेशन परमिशन Access करने के लिए आते हैं, यह उसे Allowed कर देता है। यानी कि जितने भी एप्लीकेशन परमिशन एक्सेस करने की कोशिश करते हैं, यह उनका Log लेता है और फिर उसे Allowed कर देता है। 

 अगर कोई ऐप आपके सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है, तो यह उसे भी Allowed कर देगा इसलिए कभी भी अगर आप अपने फोन में कस्टमर रोम इंस्टॉल करते हैं और उसमें आपके ROM का SELinux Permissive मिलता है, तो आपको कोई भी ऐसा एप्लीकेशन डाउनलोड नहीं करना है जो आपके System को हानिकारक हो सकत यह बात का आप को ध्यान रखना है।


3.SELinux Disable -

  अगर आप आपने SELinux Disable किया तो, परमिशन लेने के लिए कोई भी ऐप आता है तो, आपके फोन को इससे कोई भी फर्क नहीं पड़ता। आपका फोन इस ऐप का Log नहीं लेगा यह आपके मर्जी पर होगा कि आप इसे परमिशन देना चाहते हैं या फिर नहीं। आपने अगर इसे डिसएबल मोड पर रखा और हो कोई ऐसा जो आपके सिस्टम के लिए हानिकारक है, तो उसी वजह से आपका फोन का डाटा चोरी हो सकता है इसलिए आपको SELinux Disable नहीं रखना है।


 अगर आपको SELinux का Status चेंज करना है, तो आप Zip File या Termux के जरिए अपने SELinux का Status चेंज कर सकते हो। अगर आपको SELinux का Status चेंज करना नहीं आता तो आप यूट्यूब पर सर्च करके अपनी SELinux का Status चेंज कर सकते हो।


*Note - ऊपर मैंने आपको जितने भी टॉपिक बताएं हैं वह सभी एजुकेशन के लिए बताए हैं, अगर आप अपने SELinux का स्टेटस को चेंज करना चाहते हैं, तो आप अपने Risk पर कीजिए।


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Conclusion - SELinux.

 मैंने आपको ऊपर बताया की, SELinux क्या होता है? SELinux के कितने प्रकार हैं? जहां तक बात की जाए, हमें कौन सा SELinux यूज़ करना चाहिए? तो मैं आपको बताना चाहता हूं, कि अगर आप अपने फोन को Safe रखना चाहते हो तो आप Enforcing यूज कीजिए। इससे आपका सिस्टम Safe रहेगा आपके सिस्टम को कोई भी हानि नहीं पहुंचेगी। में मैंने आपको ऊपर पूरे विस्तार से समझा दिया है, अगर आपको कुछ दिक्कत आती है तो आप मुझे कमेंट करके पुछ सकते हो मैं उसका रिप्लाई जरूर से करूंगा। 

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