Android Phone मे Kernel कैसे Change करे?

Kernel


   आज मैं आपको बताने वाला हूं कि कैसे फोन में कर्नल को Change करे? अगर आप सभी को पता नहीं है, कि कर्नल क्या होता है? इसके बारेमे बताने वाला हूं और इसी के साथ में आपको बताऊंगा कि अपने एंड्रॉयड फोन में कर्नल को कैसे चेंज करें ? Kernel का किस तरीके से बैकअप लेना है? यह सभी के बारे में आजा हम पूरी विस्तार से बात करने वाले हैं। कर्नल Change करते समय आपको कुछ चीजों का ध्यान रखना पड़ता है, वह चीजों के बारे में भी मैं आपको नीचे बताने वाला हूं अगर आपको कुछ दिक्कत आती है या फिर समझ नहीं आता तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं हम आपका जवाब देंगे।

Kernel क्या है?

 कर्नल यानी कि आप जो भी डिवाइस यूज करते हो उसमें सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दो चीजें होती हैं, दोनों को मिलाने का काम यह कर्नल का होता है। सरल भाषा में कहें तो, Kernel यह आपके सॉफ्टवेयर को हार्डवेयर से जोड़ने का काम करता है, जैसे कि कर्नल आपके फोन के Sound, Camera, Flash और जितने भी हार्डवेयर चीजें होती हैं, उन सब को सॉफ्टवेयर के साथ जोड़े रखने का काम करता है। किसी सॉफ्टवेयर को हार्डवेयर की जरूरत हो तो Kernel उस जरूरत को पूरी करने का काम करता है, यानी कि उस सॉफ्टवेयर को हार्डवेयर के साथ कनेक्ट करके देता है। एंड्राइड का कर्नल यह Linux के ऊपर बेस होता है।


 Ex. अगर आप कोई एप्लीकेशन यूज करते हो और आप ने उस एप्लीकेशन को ओपन किया मान लीजिए वह कैमरे का एप्लीकेशन है, आप जैसी उसे ओपन किया तो कर्नल उस प्रोसेस को लेता है और उससे हार्डवेयर से जुड़ने का काम करता है यानी कि Camera को Aplication के साथ कनेक्ट करता हैआप अपने फोन में जो भी एप्लीकेशन यूज़ करते हो वह बैकग्राउंड में चलती रहती है उन्हें किन एप्लीकेशन को कितनी ही रहने देनी है यह काम भी करनाल करता है।
 

Kernel के कितने प्रकार है-

1.Stock Kernel -

 Stock Kernel यानी कि जो कर्नल आपके फोन में पहले से ही इंस्टॉल किया हुआ आता है, उसे Stock Kernel कहते हैं।


2.Custom Kernel -

  कस्टम कर्नल यानी कि दूसरे डेवलपर लोग Linux के लेटेस्ट कर्नल को लेकर, उसे मॉडिफाई करते हैं और उसे अपने फोन के मुताबिक कंपैटिबल बनाते हैं उसे कस्टम कर्नल कहा जाता है। ( कस्टम कर्नल हमें दो प्रकार के मिलते हैं।)

Over Clock Kernel -

 Over Clock Kernel यानी कि यह जो डेवलपर्स से बनाता है वह इसमें जब ही पावर को बढ़ा देता है यानी कि यह कर्नल की क्लॉक स्पीड आपको ज्यादा मिलेगी यह कर्नल पहले के मुकाबले ज्यादा फास्ट काम करने लगेगा और इससे आपको परफॉर्मेंस जाती मिलेगी और आपका बैटरी ज्यादा खर्च होगा इसको सी कर्नल से।

Non Over Clock Kernel -

 यह कर्नल में सब कुछ मीडियम होता है, यानी कि इसमें आपको कोई भी ज्यादा परफॉर्मेंस नहीं मिलेगी लेकिन आपको इससे करनाल में बैटरी लाइफ अच्छी मिलेगी आपके एक फोन की बैटरी जल्दी खत्म नहीं होगी अगर आप Non Over Clock Kernel इस्तेमाल करते हैं।


Android Phone मे Kernel change करते समय यह बात ध्यान रहे -

1.आपको अपने फोन में Custom Kernel को इंस्टॉल करना है, तो सबसे पहले आपको अपने फोन में Bootloader Unlock होना चाहिए।
2.आपके फोन में कस्टम रिकवरी इंस्टॉल होनी चाहिए।
3.सबसे पहले आपको अपने फोन और ऑपरेटिंग सिस्टम के मुताबिक कर्नल को इंस्टॉल करना है, दूसरे फोन का कर्नल इंस्टॉल करने पर आपका फोन Brick हो सकता है। 
4.Custom Kernel इंस्टॉल करने से पहले आपको अपने फोन का Stock Kernel का बैकअप लेन है।
5.कर्नल इंस्टॉल करते समय आपको अपने फोन को स्विच ऑफ जा वह प्रोसेस को बंद नहीं करना है इससे आपका फोन ब्रिक हो सकता है।


Kernel ka Backup Aur Restore Kaise Kare?

Kernel का Backup कैसे लेते हे?

1.आपको सबसे पहले अपने कस्टम रिकवरी में जाना है। कस्टम रिकवरी में जाने के लिए आपको अपने फोन को स्विच ऑफ कर लेना है और पावर बटन के साथ वॉल्यूम+ बटन को क्लिक करके रखना है।
2.आपको बैकअप वाले ऑप्शन में आ जाना है।
3.वहां पर आपको सिर्फ Boot के ऊपर टीक करना है और बाकी सब पर अनटिक कर देना है और नीचे स्वाइप टू बैकअप कर लेना है।


Kernel ko Restore kaise kare?

1.आपको सबसे पहले अपने कस्टम रिकवरी में जाना है। कस्टम रिकवरी में जाने के लिए आपको अपने फोन को स्विच ऑफ कर लेना है और पावर बटन के साथ वॉल्यूम+ बटन को क्लिक करके रखना है।
2.आपको wipe Cache कर देना है।
3.उसके बाद आप को Backup के ऊपर जाना है।
4.उसके बाद आपको उस boot फ़ाइल को सेलेक्ट कर लेना है और स्वाइप ( Restore) कर देना है


 इस तरीके से आप अपने फोन के स्टॉक कर्नल या दूसरे कर्नल का बैकअप बड़े ही आसान तरीके से ले सकते हो, अगर आप अपने फोन में दूसरा Kernel इनस्टॉल किया और वह कर्नल आपके फोन के साथ तो अच्छा नहीं है, तो फिर आप यह कर्नल को वापिस से रिस्टोर कर सकते हो।


Android Phone ka Kernel Kaise Change Kare?

1.आपको सबसे पहले अपने कस्टम रिकवरी में जाना है। कस्टम रिकवरी में जाने के लिए आपको अपने फोन को स्विच ऑफ कर लेना है और पावर बटन के साथ वॉल्यूम+ बटन को क्लिक करके रखना है।
2.सबसे पहले आपको अपने Kernel का बैकअप लेना है, अगर Kernel इंस्टॉल करने के बाद आपका फोन Boot Loop में अटक जाता है, तो आप वापिस से कर्नल को Restore करके उसे ठीक कर सकते हो।
3.आपको wipe Cache कर देना है।
4.आपने जहां भी उस Kernel की फाइल को रखा है, वहां जाकर उसके ऊपर क्लिक करना है और नीचे स्वाइप टू इंस्टॉल करना है।
5.उसके बाद आपको अपने फोन को चालू कर देना है।


 इस तरीके से आप जो है अपने एंड्रॉयड फोन में कर्नल को Change कते हो। अगर आपको फोन boot loop में अटक जाता है, तो आपको अपने पहले वाले कर्नल को रिस्टोर कर देना है आपका फोन पहले जैसा काम करने लगेगा। मैंने आपको कर्नेल इनस्टॉल करने से पहले कुछ सावधानी बरतने के लिए कहा है, वह भी आपको पढ़ लेना है ताकि आपके फोन को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हो।

*Note - ऊपर मैंने आपको जितने भी टॉपिक बताएं है वह सभी एजुकेशन के लिए बताए हैं, अगर आप अपने फोन का kernel चेंज करना चाहते हैं, तो आप अपने Risk पर कीजिए।

यह जरूर देखें-


Conclusion - 

 मैंने ऊपर आपको Kernel क्या होता है? और Android Phone मे Kernel कैसे change करे? यह सभी के बारे में पूरे विस्तार से अच्छी तरीके से बताया है। अगर आपको किसी भी प्रकार की दिक्कत आती है, तो आप मुझे कमेंट करके पूछ सकते हो मैं उसका जवाब जरूर दूंगा। 
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